Blood Group - Important Facts रक्त समूह - महत्वपूर्ण तथ्य

रक्त समूह Blood Group

रक्त समूह की खोज 1902 ईस्वी में कार्ल लैण्डस्टीनर ने की थी। रक्त का वर्गीकरण लाल रक्त कोशिकाओं की सतह पर पाये जाने वाले पदार्थ में वंशानुगत प्रतिजन(एन्टीजन) की उपस्थिति या अनुपस्थिति पर आधारित होता है। 
लाल रक्त कोशिकाओं की सतह पर पाये जाने वाले ये एन्टीजन प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, ग्लाइकोप्रोटीन या ग्लाइकोलिपिड हो सकते हैं।

सामान्यतया रक्त को चार समूहों में बांटा गया है—
1. रक्त समूह ए (Blood Group A)
2. रक्त समूह बी  (Blood Group B)
3. रक्त समूह एबी  (Blood Group AB) तथा
4. रक्त समूह ओ  (Blood Group O)

एन्टीजन 'ए' की उपस्थिति पर रक्त को 'Group A' में, एन्टीजन 'बी' की उपस्थिति पर रक्त को 'Group B' में तथा एन्टीजन 'ए' और 'बी' दोनों की उपस्थिति पर रक्त को 'Group AB' में रखा गया है। यदि 'ए' और'बी' दोनों में से कोई एन्टीजन उपस्थित नहीं हो तो उसे Group O में रखा गया है। कई भाषा में इस समूह को शून्य भी कहा जाता है।

मानव रक्त में दो प्रकार के एन्टीजन और एन्टीबॉडी पाये जाते हैं—
एन्टीजन — एन्टीजन 'ए' एवं एन्टीजन 'बी'
एन्टीबॉडी — एन्टीबॉडी 'ए' एवं एन्टीबॉडी 'बी'

=> जहां एन्टीजन लाल रक्त कोशिकाओं में पाया जाता हैं वहीं एन्टीबॉडी सीरम में पाया जाता हैं

एन्टीजन के साथ एन्टीबॉडी का आस्तित्व निम्न अनुसार होता है—
1. Antigen A with Antibody B — अर्थात ग्रुप 'ए' में एन्टीबॉडी 'बी'
2. Antigen B with Antibody A — अर्थात ग्रुप 'बी' में एन्टीबॉडी 'ए'
3. No Antibody with Antigen AB — अर्थात ग्रुप 'एबी' में कोई एन्टीबॉडी नहीं
4. Antibody A & Antibody B both with no Antigen i.e. Blood Group O — एन्टीजन 'शून्य' अर्थात ग्रुप 'ओ' के साथ दोनों एन्टीबॉडी 'ए' और 'बी' 

Rh-Antigen
मानव रक्त में दूसरा सबसे महत्वपूर्ण एन्टीजन आरएच डी एन्टीजन होता है। इसकी उपस्थिति (+) चिन्ह को और अनुपस्थिति (-) चिन्ह को दर्शाती है।
Red+Blood+Cell+RBC+compatibility+table
=> Blood Group O-ve को सर्वदाता समूह कहा जाता है।
=> Blood Group AB+ve को सर्वग्राही समूह कहा जाता है।

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